उत्तर प्रदेश के कासगंज में करीब 80 साल से सामाजिक आन-बान-शान के नाम पर चली आ रही कुप्रथा उस वक्त टूट गई जब एक दलित की बारात राजपूतों (ठाकुरों) के गांव से गुजरी. ...

हालांकि, कोलिंदा ने पहले ही कह चुकी थीं कि वह फाइनल देखने नेता या राष्ट्रपति के रूप में नहीं जाएंगी बल्कि क्रोएशियाई फुटबॉल की एक जुनूनी प्रशंसक के रूप में जाएंगी. एक ...